गयाजी में आस्था, सेवा और श्रद्धा का महासंगम जारी07 अक्टूबर

Gaya

गयाजी पितृपक्ष मेला: अब तक 41.30 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे, एक दिन में 3.80 लाख श्रद्धालुओं का आगमन 9,338 यात्रियों को मिला उपचार, 129 बिछड़े लोगों को परिजनों से मिलाया गया

Oct 7, 2026
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गयाजी पितृपक्ष मेला: अब तक 41.30 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे, एक दिन में 3.80 लाख श्रद्धालुओं का आगमन

9,338 यात्रियों को मिला उपचार, 129 बिछड़े लोगों को परिजनों से मिलाया गया

गयाजी, 07 अक्टूबर 2026। पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गयाजी में पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान के लिए श्रद्धालुओं का आगमन जारी है। जिला प्रशासन के अनुसार, मेले में अब तक कुल 41,30,500 श्रद्धालु, पिंडदानी एवं तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के मुताबिक, 06 अक्टूबर को 3,80,300 श्रद्धालुओं का गयाजी आगमन हुआ। इस दौरान स्वास्थ्य, आवासन, सहायता और बिछड़े परिजनों को मिलाने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

9,338 तीर्थयात्रियों का उपचार, 95 ने ली व्हीलचेयर सेवा

मेला क्षेत्र में तैनात मेडिकल टीमों ने 9,338 तीर्थयात्रियों को उपचार उपलब्ध कराया। वहीं, दिव्यांग, बुजुर्ग एवं जरूरतमंद श्रद्धालुओं में से 95 लोगों ने व्हीलचेयर सेवा का लाभ लिया।

श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं सहायता सेवाओं का संचालन जारी है।

129 बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाया

मेले की भीड़ में परिजनों से बिछड़े 129 लोगों को प्रशासन की सहायता से उनके परिवार से मिलाया गया। बच्चों और बुजुर्गों की पहचान तथा सुरक्षा के लिए 1,103 लोगों को रिस्ट बैंड उपलब्ध कराए गए।

आवासन व्यवस्था के तहत 1,185 श्रद्धालुओं ने टेंट सिटी की सुविधा का लाभ लिया।

7,222 गंगाजल पैकेट वितरित, पूर्वजों की स्मृति में लगाए पौधे

श्रद्धालुओं के लिए 7,222 पैकेट गंगाजल वितरित किए गए। पर्यावरण संरक्षण को पूर्वजों की स्मृति से जोड़ने वाले “एक पेड़ पूर्वजों के नाम” अभियान के तहत 35 पौधे भी लगाए गए।

AI भाषा अनुवाद सेवा से 4,307 यात्रियों को सहायता

देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए AI आधारित भाषा अनुवाद सेवा के माध्यम से 4,307 यात्रियों को सहायता दी गई।

जिला प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक तीर्थयात्रा उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं की सतत निगरानी एवं संचालन जारी है।

Nitish Kumar
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Nitish Kumar
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