बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है।
केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने Jitan Ram Manjhi के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चिराग पासवान के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।
चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी संवेदनशील घटना पर बयान देते समय नेताओं को शब्दों का चयन बेहद सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने मांझी के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर यही घटना उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ होती, तो क्या तब भी वह यही कहते कि “मर गया तो मर गया”।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार के लिए ऐसा बयान बेहद आहत करने वाला हो सकता है। चिराग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई संवेदना व्यक्त नहीं कर सकता, तो कम से कम उसे ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करें।
चिराग पासवान की इस प्रतिक्रिया के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर बिहार की राजनीतिक तस्वीर पर भी पड़ सकता है। दोनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने पक्ष में बयान दे रहे हैं, जिससे मामला और गरमाता नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। लोग दोनों नेताओं के बयानों पर खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग चिराग पासवान के बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा मान रहे हैं।
फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों नेताओं या अन्य राजनीतिक दलों की ओर से क्या नई प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
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